चना खाने से क्या फायदा क्या नुकसान?HealthPlanet

Posted on Thu 15th Dec 2022 : 11:43

चने के फायदे – Benefits of Chickpeas in Hindi

चने के फायदे सिर्फ पेट भरने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह शरीर की कई तकलीफों में लाभदायक साबित हो सकता है। वहीं, इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि काबुली चना किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है। इसका सेवन शरीर को स्वस्थ रखने और बीमारियों से बचने के लिए किया जा सकता है। नीचे जानिए स्वास्थ्य के लिए चना खाने के फायदों के बारे में।
1.रक्त शर्करा (ब्लड शुगर)

शरीर में रक्त शर्करा को नियंत्रित करने के लिए चने के फायदे देखे जा सकते हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, चना शरीर में अतिरिक्त ब्लड शुगर को दबाने का काम कर सकता है। दरअसल, मधुमेह का एक कारण अधिक भूख लगना भी है और चना भूख को कम करने का काम कर सकता है। साथ ही इसकी गिनती लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स में की जाती है। इसके अलावा, यह फाइबर व प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है (2)।
2. पाचन तंत्र

पाचन स्वास्थ्य के लिए भी काबुली चना के फायदे बहुत हैं। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसलिए चना पेट संबंधी समस्याओं जैसे गैस की परेशानी, कब्ज की शिकायत, डायरिया की समस्या व सख्त मल आदि को ठीक कर स्वस्थ पाचन को बढ़ावा दे सकता है (1)। वहीं, एक रिपोर्ट के अनुसार फाइबर कब्ज जैसी स्थितियों के अलावा कोलन कैंसर के जोखिम को भी कम कर सकता है (3)। इस आधार पर माना जा सकता है कि पाचन के लिए अंकुरित चने के फायदे कई हैं। रोजाना सुबह खाली पेट अंकुरित चने खाए जा सकते हैं।
3. वजन कम करने के लिए

मोटापे से परेशान लोग चने का सेवन कर सकते हैं। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि चने में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो अत्यधिक भूख को नियंत्रित कर वजन घटाने में सहायता कर सकता है। इसके अलावा चना फाइबर और प्रोटीन से भी समृद्ध होता है, जो वजन कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं (1)। वहीं, भूरा चना छिलके सहित खाया जाए, तो यह धीरे-धीरे पचता है और लंबे समय तक भूख का एहसास नहीं होता है। ऐसे में वेट लॉस के लिए सूखे या फिर भीगे चने खाने के फायदे देखे जा सकते हैं।
4. कैंसर

एक अध्ययन के अनुसार, चना ब्लड शुगर और वजन घटाने से लेकर कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाव में मददगार हो सकता है। शोध के अनुसार, चने में ब्यूटिरेट नामक फैटी एसिड पाया जाता है, जो सेल प्रोलिफरेशन यानी कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि को दबाने (4), साथ ही एपोप्टोसिस (सेल मृत्यु) को प्रेरित कर कोलोरेक्टल कैंसर (कोलन कैंसर) से बचाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, चने में मौजूद लाइकोपीन, बायोइकनिन-ए और सैपोनिन जैसे बायोएक्टिव कंपाउंड कैंसर से बचाव में मददगार साबित हो सकते हैं (1)।

वहीं, इस बात का ध्यान रखा जाए कि चना किसी भी तरीके से कैंसर का इलाज नहीं है। इसका सेवन कैंसर से बचने के लिए एक हेल्दी खाद्य-पदार्थ के रूप में किया जा सकता है। अगर कोई कैंसर की चपेट में आ चुका है, तो डॉक्टरी इलाज करवाना सबसे जरूरी है।
5. हृदय स्वास्थ्य और कोलेस्ट्रॉल

हृदय के लिए भी चना खाने के फायदे बहुत हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च पेपर से जानकारी मिलती है कि चना टोटल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार ला सकता है। यही नहीं, इसमें मौजूद फाइबर भी टोटल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है, जिससे हृदय रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है (1)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर स्वस्थ हृदय के लिए भीगे चने खाने के फायदे देखे जा सकते हैं।
6. आंखों के लिए

आंखों के लिए भी चने के फायदे देखे जा सकते हैं। बता दें कि चना विटामिन-सी और बीटा-कैरोटीन नामक तत्वों से समृद्ध होता है (5)। वहीं, ‘एज-रिलेटेड आई डिजीज स्टडी’ में पाया गया है कि बीटा-कैरोटीन बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी कम होने के जोखिम को कम कर सकता है। इसके अलावा, विटामिन-सी को भी आंखों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी माना गया है (6)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि आंखों के लिए अंकुरित या फिर भुने चने खाने के फायदे देखे जा सकते हैं।
7. हड्डियों के लिए

हड्डियों के लिए काबुली चना के फायदे बहुत हैं। इससे संबंधित एक रिसर्च पेपर से जानकारी मिलती है कि एस्ट्रोजन की कमी के कारण होने वाले ऑस्टियोपोरोसिस यानी हड्डियों के कमजोर होने की समस्या में अंकुरित चना के अर्क में मौजूद आइसोफ्लेवोंस की एस्ट्रोजेनिक गतिविधि मददगार हो सकती है (7)।

इसके अलावा, काबुली चना कैल्शियम से समृद्ध होता है (5)। वहीं, कैल्शियम हड्डियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। यह हड्डियों को स्वस्थ बनाने और उन्हें मजबूत रखने में सहयोग कर सकता है। शरीर कैल्शियम का निर्माण नहीं कर सकता है, इसलिए इसकी पूर्ति कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों से की जाती है (8)। इस आधार पर मजबूत हड्डियों के लिए भीगे चने खाने के फायदे देखे जा सकते हैं।
8. एनीमिया के लिए

चना के औषधीय गुण एनीमिया जैसी घातक बीमारी से भी बचा सकते हैं। दरअसल, एनीमिया का सबसे मुख्य कारण शरीर में आयरन की कमी को माना जाता है (9)। वहीं, चना आयरन से समृद्ध होता है (1)। ऐसे में इसका सेवन शरीर में आयरन की कमी को पूरा कर एनीमिया की समस्या से निजात दिलाने में मदद कर सकता है।

वहीं, एनीमिया से बचने के लिए गुड़ चना खाने के फायदे भी देखे जा सकते हैं। ये दोनों ही शरीर में आयरन की पूर्ति करने का काम कर सकते हैं (10)। इसके अलावा, भुने हुए चने और गुड़ खाने के फायदे भी हैं। यह बच्चों को ताकत दे सकता ही है, साथ ही इम्यून सिस्टम को भी मजबूत कर सकता है। इसे एक सुपर-फूड कॉम्बो कहा जा सकता है।
9. गर्भावस्था में सहायक

गर्भवती महिला के लिए भी काबुली चना के फायदे देखे गए हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है, इसमें फोलेट का मौजूद होना (1)। यह एक आवश्यक विटामिन-बी है, जो मां और भ्रूण दोनों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। गर्भावस्था के पहले और गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त फोलिक एसिड बच्चे के मस्तिष्क या रीढ़ से जुड़े जन्म दोषों को रोकने में मदद कर सकता है (11)।

इसके अलावा, चना आयरन, प्रोटीन, जिंक व कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध होता है (5)। इसलिए, यह गर्भावस्था के दौरान भ्रूण को पोषित करने का काम कर सकता है। भीगे चने खाने के फायदे देखते हुए ही गर्भावस्था में इसके सेवन की सलाह दी जाती है।
10. महिलाओं में हार्मोन को कर सकता है नियंत्रित

महिलाओं में हार्मोन को नियंत्रित करने के लिए भी चना खाने का फायदा मिल सकता है। दरअसल, चना एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होता है (12)। इसका यह गुण रजोनिवृत्ति यानी उम्र बढ़ने के साथ प्रजनन हार्मोन में गिरावट और रजोनिवृत्ति के बाद के नकारात्मक लक्षणों को दूर करने का एक प्राकृतिक तरीका हो सकता है (13)। वहीं, चना अपने एस्ट्रोजेनिक गुणों से रजोनिवृत्ति के लक्षणों और एस्ट्रोजन की कमी को भी दूर कर सकता है (7)।
11. दर्द व सूजन से राहत

दर्द व सूजन में भी भीगे चने खाने के फायदे देखे जा सकते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, हाइपोकैलोरिक डाइट यानी कम कैलोरी युक्त आहार के साथ चना दर्द व सूजन को कम कर सकता है (14)। इसके अलावा, सूजन संबंधी समस्या में काबुली चना खाने के फायेदे इसलिए भी हैं, क्योंकि यह एंटी इन्फ्लामेट्री यानी सूजन कम करने वाले गुणों से समृद्ध होता है (15)।
12. प्रोटीन का अच्छा स्रोत

चना प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत माना जाता है। 100 ग्राम चने में लगभग 8.86 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है (16)। बता दें कि प्रोटीन हमारे शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है। यह हड्डी, मांसपेशियों और त्वचा को बनाने महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। दरअसल, प्रोटीन हमारे शरीर में फैट या फिर कार्बोहाइड्रेट के रूप में जमा नहीं होता, इसलिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन के सेवन की सलाह दी जाती है (16)। ऐसे में प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए अंकुरित चने के फायदे देखे जा सकते हैं।
13. पोषक तत्वों का स्रोत

चना कई जरूरी पोषक तत्वों से समृद्ध है। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जिंक, आयरन, विटामिन-बी, विटामिन-ए आदि मौजूद होते हैं (5)। आयरन एनीमिया जैसी समस्या को ठीक कर सकता है (17)। वहीं, कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों के विकास में मदद कर सकते हैं (18)।

जबकि, विटामिन-ए त्वचा और आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के साथ-साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ बनाए रखने और प्रजनन क्षमता में सुधार करने में भी मदद कर सकता है (19)। इस आधार पर माना जा सकता है कि पोषक तत्वों से भरपूर चने का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
14. दिमाग के लिए

दिमाग के लिए भी अंकुरित चने के फायदे देखे जा सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में जिक्र मिलता है कि काबुली चने में मौजूद ल्यूटिन और अन्य फाइटोन्यूट्रिएंट्स संज्ञानात्मक कार्य में सुधार कर सकते हैं (20)। यही वजह है कि चने का सेवन दिमाग के लिए फायदेमंद माना जा सकता है।
15. झुर्रियों और एजिंग के लिए

त्वचा के लिए भी चने के कई फायदे हैं। इसमें मौजूद मैंगनीज झुर्रियों को हटाकर एजिंग के प्रभाव को कम कर सकता है (21)। इसके अलावा, चने में विटामिन-ए भी मौजूद होता है, जो झुर्रियों को हटाने का काम कर सकता है (27)। यही नहीं, चना विटामिन-सी से भी समृद्ध होता है, जो त्वचा के लिए लाभदायक हो सकता है (5)।

दरअसल, विटामिन-सी कोलेजन को बढ़ाकर त्वचा को स्वस्थ रखने का काम कर सकता है। इसके अलावा, विटामिन-सी सूर्य की हानिकारक किरणों से भी त्वचा की रक्षा कर सकता है (22)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि त्वचा के लिए अंकुरित चने बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं। ऐसे में रोजाना सुबह अंकुरित चने का सेवन किया जा सकता है।
काबुली चने के नुकसान – Side Effects of Chickpeas in Hindi

चना खाने के फायदे और नुकसान दोनों ही हैं। इसलिए यहां हम ज्यादा चना खाने के नुकसान बता रहे हैं, जो इस प्रकार हैं :

चना फाइबर से समृद्ध होते हैं (5)। इसलिए इन्हें ज्यादा खाने से गैस, पेट में सूजन व ऐंठन हो सकती है (25)।
कुछ मामलों में चने के सेवन से एलर्जिक रायनाइटिस (बंद नाक) या एनाफिलेक्सिस की समस्या हो सकती है (26)।
एनाफिलेक्सिस एक जानलेवा एलर्जिक प्रतिक्रिया है, जिसकी वजह से नाक व होंठों में सूजन, उल्टी और पेट में दर्द आदि समस्याएं हो सकती हैं (27)।
चने के सेवन से लेथिरिज्म नामक रोग का जोखिम बढ़ सकता है। इस समस्या में पैरों में कमजोरी महसूस हो सकती है (28)।
इन सबके अलावा, चने में एंटीन्यूट्रिशनल कंपाउंड जैसे, फाइटिक एसिड, लेक्टिन, ओलिगोस राइडर्स और कुछ अन्य फेनोलिक कंपाउंड मौजूद होते हैं, जो शरीर में मौजूद पोषक तत्वों के कार्यों को बाधित कर सकता है (29)।

इसमें कोई दो राय नहीं चना खाने के फायदे और नुकसान दोनों हैं। ऐसे में काले चने के फायदे प्राप्त करने के लिए इसे अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। यहां काबुली चना के उपयोग के विभिन्न तरीकों के बारे में भी बताया है। वहीं, इस बात का ध्यान रखें कि इसे सीमित मात्रा में ही खाएं, नहीं तो ज्यादा चना खाने के नुकसान झेलने पड़ सकते हैं। अंत में हम उम्मीद करते हैं कि चना खाने के फायदों पर आधारित यह लेख आपके लिए लाभदायक रहा होगा।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info